सुरों का सुखद 'स्पर्श'



उसकी आवाज़ का जादू लोगों को मदमस्त कर देता है. उसके सुरों की लहर सुनने वालों की आत्मा को आनंदित कर देती है. अपने हुनर से करोड़ों दिलों को छू लेने वाला महज 12 वर्ष का एक बच्चा है जिसका नाम स्पर्श शाह है. स्पर्श अमेरिका के रहने वाले हैं. इन्हें लोग पुरिदम (Purythum) के नाम से भी जानते हैं. स्पर्श बहुमुखी प्रतिभा के स्वामी हैं. एक तरफ जहाँ कुदरत ने उनकी आवाज़ को मिठास से नवाज़ा है वहीं कुशाग्र बुद्धि का तोहफा भी दिया है. तकरीबन 7 सालों से भारतीय शास्त्रीय संगीत सीखने के साथ साथ पिछले तीन सालें से American Vocal की भी शिक्षा ले रहे हैं. वह दस से अधिक गीत लिख चुके हैं. इनमें से अधिकांश का संगीत भी इन्होंने ही रचा है. इसके अतिरिक्त वह 40 से भी अधिक Live Performances, स्थानीय Radio तथा Television Shows में हिस्सा ले चुके हैं. कई संस्थाओं के लिए तथा प्राकृतिक आपदाओं के समय वह Fund Raising का भी काम करते हैं.
स्पर्श एक अच्छे लेखक व वक्ता भी हैं.


इतनी उपलब्धियां पाने वाले स्पर्श के जीवन का एक और पहलू भी है. वह एक गंभीर रोग से ग्रसित हैं. Osteogenesis Imperfecta  एक दुर्लभ तथा लाइलाज रोग है. यह बीमारी शरीर की हड्डियों को इतना कमज़ोर कर देती है कि एक हल्का सा धक्का या ज़ोर से किया गया Handshake भी उन्हें तोड़ सकता है. इनके हाथ और पैर शरीर का वजन नही सह सकते हैं. अतः वह चल फिर नही सकते हैं. अब तक के जीवन मे इनके करीब 125 Fractures हो चुके हैं. अपने जन्म लेने की प्रक्रिया में ही उनकी करीब 35 से 40 हड्डियां टूट गई थीं. उन्हें गोद में लेने के लिए उनके माता पिता को छह महीने प्रतीक्षा करनी पड़ी थी. 
सिर्फ तीन वर्ष की आयु से ही स्पर्श ने Keyboard सीखना तथा किताबें पढ़ना शुरू कर दी थीं. 2009 से वह Pundit Jasraj Institute of Music से संगीत की शिक्षा ले रहे हैं. इस प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा आयोजित "गान निपुण स्पर्धा" में इन्होंने प्रथम पुरस्कार जीता. स्वयं सगीत सम्राट पंडित जसराज ने इन्हें पुरस्कृत किया. April 2015 में स्पर्श ने Young Voice of NYC (New York City) नामक प्रतिस्पर्धा में भाग लेकर पुरस्कार जीता. इन्हें St. Jude children's research hospital का Youth Ambassador बनाया गया. Indian Consulate New York city में डॉ. अंबेदकर पर दिए गए अपने व्याख्यान के लिए इन्हें प्रथम पुरस्कार मिला. February 16 में मराठी विश्व New Jersey द्वारा आयोजित 'स्वरधारा' प्रतियोगिता के भी वह विजेता रहे. 
स्पर्श Eminem के प्रशंसक हैं. Eminem के 'Not Afraid' के लिए उनका Cover बहुत प्रसिद्ध हुआ है.


उनकी माता जिगिशा तथा पिता हिरेन शाह को उन पर गर्व है. उनका मानना है कि स्पर्श एक चमत्कार हैं जो असाधारण कार्य करने के लिए ही दुनिया में आए हैं.
शारीरिक चुनौतियां भी स्पर्श का हौंसला कम नही कर पाईं. हड्डियां टूटने की पीड़ा को वह बहुत सकारात्मक रूप से लेते हैं. उनका कहना है कि पीड़ा के लिए आप कुछ नही कर सकते. दर्द में कराहना प्राकृतिक है किंतु मुस्कुराना साहस का काम है.
स्पर्श चाहते हैं कि समय की रेत पर अपने इतने गहरे निशान छोड़ें जिसे सुनामी भी ना मिटा सके.
स्पर्श द्वारा लिखे गए गीत
This love will never fade
There is always tomorrow
Why'd you have to leave me
You are my hero
Count on me
A little bit of respect
Turn around
Birthday wishes
You are the one
No one knows

Eminem- Not afraid cover by Sparsh

Count on me

"See You Again" from Furious 7 by Sparsh H. Shah @ India Fair

यह लेख Jagranjunction.com पर प्रकाशित हुआ है।


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