स्कूल आता है बच्चों के पास
इस समस्या का अनूठा उपाय निकाला है बांग्लादेश के आर्किटेक्ट मोहम्मद रिज़वान ने. इन्होंने तैरते हुए स्कूल का निर्माण किया है जो 100 नावों पर चलाए जाते है. इन तैरते स्कूलों में पुस्तकालय, कंप्यूटर एवं स्वास्थ संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हैं.
बाढ़ के दिनों में ये तैरते स्कूल बच्चों को घर से लेते हैं तथा स्कूल पूरा होने पर वापस घर छोड़ देते हैं. बच्चों की पढ़ाई नाव पर संचालित कक्षा में होती है जिसमें 30 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है.
यह नावें सौर्य ऊर्जा से संचालित होती हैं. इन पर प्रकाश की व्यवस्था भी सौर्य ऊर्जा से ही होती है. प्रोजक्ट की लागत विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त वित्तीय मदद से होता है.
यह बदलते पर्यावरण से उत्पन्न समस्या का सामना करने का एक सकारात्मक तरीका है.
यह प्रोजक्ट सिधुलाई स्वानिर्वार संघष्टा नामक संघ द्वारा चलाया जा रहा है. इसका प्रतिनिधित्व मोहम्मद रिज़वान करते हैं.
यह लेख Jagranjunction.com पर प्रकाशित है

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