हम हैं 'माहिर'


समाज का एक बड़ा वर्ग शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहा है. इनमें भी एक हिस्सा ऐसा है जिन्हें सही सुविधाएं नही मिल पाती हैं. सही शिक्षा व प्रशिक्षण नही मिल पाता है. अतः इस बात की आवश्यक्ता है कि इन लोगों को रोज़गार परक प्रशिक्षण दिया जाए ताकि यह लोग भी स्वावलंबी बन आत्मसम्मान के साथ सर उठा कर जी सकें. 
'माहिर' एक ऐसा ही प्रयास है. महिर का संचालन 'We the people' संस्था द्वारा 'जनहित विकास संस्था' नामक NGO के साथ मिलकर किया जा रहा है. 
'माहिर' पेशेवर समर्पित लोगों का एक दल है. इसके सभी सदस्यों को पिछड़े तथा शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के साथ काम करने का गहन अनुभव है.
'माहिर' के अंतर्गत विकलांग जनों को प्रशिक्षण देने का काम किया जाता है. उन्हें लिफाफे, कागज़ के थैैले, सजावट का सामान, उपहार का सामान आदि बनाना सिखाया जाता है. 
कुछ अन्य सहयोगी NGOs इन्हें उत्पादन करने तथा उत्पादित किए गए सामान को स्थानीय बाजार में बेंचने में सहायता करते हैं.         


 


'माहिर' से जुड़े लोग समाज के विभिन्न वर्गों तथा पेशों से संबंध रखते हैं. यह सभी शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के उत्थान के प्रति समर्पित हैं. 'माहिर' का उद्देश्य विकलांगता से जुड़े मुद्दों के प्रति ध्यान आकर्षित करना है. विकलांग लोगों को सही सूचनाएं देकर जागरूक बनाना है.  
'माहिर' को HCRA, Koshish special school, Devodhyog, Skillskool जैसी संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है. 
'माहिर' की योजना एक Online portal बनाने की है जिसके जरिए उत्पादों को बेंचा जा सके. इसके अतिरिक्त जगह जगह Out lets खोलने की भी है.
'माहिर' एक ऐसा कदम है जो आशक्त जनों के जीवन में आशा का संचार कर रहा है.



यह लेख Jagranjunction.com पर प्रकाशित हुआ है।

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