जिंदगी खूबसूरत है
उतार चढ़ाव जीवन का हिस्सा हैं. कभी अच्छा वक्त होता है तो कभी आपको कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. किंतु अक्सर ऐसा होता है कि जब हम पर कठिनाइयां आती हैं तो हम परेशान हो जाते हैं और शिकायत करने लगते हैं कि 'मैं ही क्यों'. लेकिन कुछ लोग परिस्थितियों को स्वीकार कर आगे बढ़ने के बारे में सोंचते हैं. ऐसे लोग जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोंण रखते हैं.
जीवन की कठिनाइयों से हार ना मानने वाले व्यक्ति हैं जस्टिन विजय येसुदास. हार ना मानने के अपने जज़्बे के कारण ही अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद वह जिंदादिल के साथ जीते हैं. जस्टिन Cognizant Technology Solutions में Deputy General Manager के पद पर कार्यरत हैं.
वह एक सामान्य जीवन जी रहे थे जब 2009 में एक दुर्घटना के शिकार हो गए. गर्दन के नीचे से उनका पूरा शरीर Paralyzed हो गया. केवल उनके कंधों तथा कोहनियों मे कुछ गतिविधि थी. बाकी सारा शरीर सुन्न हो गया था. इतने पर भी जस्टिन ने कोई शिकायत नही की बल्कि बड़े धैर्य के साथ अपनी स्थिति को स्वीकार किया.
जीवन में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया. इसके लिए जस्टिन ने कड़़ा श्रम किया. वह शीघ्र ही अपने काम पर वापस आ गए. Wheelchair पर बैठ कर ही वहअपना पसंदीदा खेल Basketball खेलने लगे. किंतु उन्हें महसूस होने लगा कि उनकी शारीरिक क्षमता पहले से कम हो गई है. अतः इन्होंने तैराकी की तरफ रुख किया. You Tube से तैराकी के गुण सीख कर इन्होंने अभ्यास आरंभ किया. एक वर्ष के अभ्यास के बाद इन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया.
अब तक तैराकी में जस्टिन 14 Gold Medal जीत चुके हैं.
3 golds in Canam championships, Toronto, Canada 2015 March.
4 golds in 15th national championship, Belgaum.
3 golds in 14th national championship, indore.. 4 Golds in state championship, Chennai 2014.
4 golds in 15th national championship, Belgaum.
3 golds in 14th national championship, indore.. 4 Golds in state championship, Chennai 2014.
इंदौर में आयोजित National championship में इन्होंने 50m backstroke में 1.22 मिनट का रिकार्ड बनाया.
जस्टिन को विश्व में विकलांग तैराकों में 20 स्थान मिला है. गंभीर रूप से अक्षम लोगों की श्रेणि में वह भारत के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें पिछले वर्ष Glasgow में World championship के लिए चुना गया.
जस्टिन को Ability Award से भी सम्मानित किया गया है.
जस्टिन की दिनचर्या बहुत व्यस्त है. अपने काम के अलावा वह रोज़ तैराकी का अभ्यास करते हैं. इसके अतिरिक उन्हें भार उठाने का भी अभ्यास करना पड़ता है.
अपने परिवार तथा मित्रों के साथ समय बिताना उन्हें बहुत पसंद है. फिल्म देखने जाना तथा रेस्त्रां में शाम बिताना भी उन्हें अच्छा लगता है. लेकिन अधिकांश स्थान Wheelchair प्रयोग करने वालों के लिए सुगम नही हैं. वह चाहते हैं कि इन्हें विकलांग जनों के लिए सुगम बनाया जाए.
जस्टिन अपनी जिंदगी को पूर्ण रूप से जीते हैं. वह चाहते हैं कि शारीरिक चुनौतियों का सामना करने वाले लोग जीवन से निऱाश होने की बजाय उसे खुश होकर जीने का प्रयास करें. वह कहते हैं कि आप जो नही कर सकते उसके बारे में सोचने की बजाय वह करें जिसमें आप सक्षम हैं.
वह मानते हैं कि हर हाल में जिंदगी खूबसूरत है.


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