ईमानदारी की मिसाल

ईमानदारी की मिसाल
अक्सर लोगों को लगता है कि पैसे की तंगी ईमान को डिगा देती है किंतु राजस्थान के रिक्शाचालक आबिद कुरैशी ने ईमानदारी की मिसाल प्रस्तुत करते हुए 1 लाख 17000 की रकम वापस कर दी।  यह रकम उन्हे एक पॉलीथीन बैग में सड़क के किनारे जयपुर  Government hostel के पास पडी़ मिली।  रात के 10 बजे तक उन्होंने इंतजा़र किया कि शायद जिसके पैसे हैं वह ढूंढ़ता हुआ आ जाए. किंतु जब कोई नहीं आया तो वह घर चले गए।  सामान ढोने का रिक्शा चलाने वाले आबिद रोजा़ना 200 से 300 रु. कमाते हैं।  जिससे मुश्किल से घर चल पाता है।  अपनी नन्हीं बेटी की पढा़ई और शादी के लिए वह रकम जोड़ रहे हैं।  इस पर भी एक बार भी उनका ईमान नहीं डोला।  रकम को पुलिस स्टेशन ले जाने में वह डर रहे थे कि कहीं पुलिस उन पर ही शक ना करे।  अतः वह रकम घर ले आए किंतु उन्हें और उनकी पत्नी को रात भर नींद नहीं आई।  सुबह जब उन्होंने अपने पडो़सियों से बात की तो सबने यही कहा कि वह पैसे पुलिस को देने की बजाय स्वयं रख लें।  किंतु उन्हें कुरान शरीफ़ की हिदायत याद थी कि ईमानदारी सबसे बडी़ नेमत है। केवल ईमानदार ही जन्नत का हक़दार होता है।  अतः पति पत्नी ने रकम पुलिस के हवाले करने का निश्चय किया।  Police commissioner जंगा राव को उनहोंने पैसों से भरा पॉलीथीन बैग वापस कर दिया।  उनका यह कदम सराहनीय है। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

यादें

एक बुनकर जो देश को बना रहा है 'डिजिटली' साक्षर

तत् त्वम् असि