जज्बे को सलाम
जज्बे को सलाम
अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित अमित कुमार सरोहा का जज़्बा तरीफ़ के काबिल है। 22 वर्ष की आयु में एक कार दुर्घटना में इनकी रीढ़ की हड्डी में लगी चोट ने इन्हें सदा के लिए Wheelchair पर बैठा दिया। लेकिन अदम्य साहस के धनी अमित के हौंसले को झुका नहीं पाई। आज अमित सभी के लिए प्रेरणा के स्तंभ हैं।
दुर्घटना से पूर्व अमित राष्ट्रीय स्तर के उभरते हुए हॉकी खिलाडी़ थे। लेकिन दुर्घटना ने उनके चलने फिरने पर भी पाबंदी लगा दी। कुछ समय निराशा में बीता किंतु शीघ्र ही अमित ने यह जान लिया की भले ही वह शारीरिक रूप से कमजो़र हो गए हों किंतु यदि वह मन से हार न माने तो बहुत कुछ कर सकते हैं। अमेरिकी Wheelchair Rugby खिलाडी़ Jonathan Sigworth जो भारत में Para sports को प्रचलित करने आए थे, से मुलाकात के बाद अमित ने अपनी प्रतिभा को पहचाना। इन्होंने Discus Throw, Club Throw, Javeline Throw प्रतियोगितओं के लिए स्वयं को तैयार किया। अपने पहले ही National games में इन्होंने Silver medal जीता।
इसके बाद तो अमित ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया तथा देश का नाम रौशन किया। Incheon South Korea में आयोजित 2014 Asian Para games में अमित ने Club Throw में Gold तथा Discus Throw में Silver medal जीते। एक Para -athlete के तौर पर इनकी उपलब्धियों के कारण अमित को 2013 में खेलों से संबंधित सर्वश्रेष्ठ अर्जुन पुरस्कार मिला। हरियाणा सरकार ने 2014 में भीम अवार्ड तथा Major Dhyanchand foundation ने 2015 में Major Dhyanchand sports अवार्ड से नवाजा़।
अमित का कहना है कि हम Para sports की बात करते हैं लेकिन Para-athletes को सही training सुविधाएं नहीं दे पाते। इसके कारण वह बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
(इस बात को बताते हुए मुझे बेहद खुशी और गर्व हो रहा है कि अमित सरोहा ने मुझे अपना Facebook friend बनाकर सम्मानित किया है)
दुर्घटना से पूर्व अमित राष्ट्रीय स्तर के उभरते हुए हॉकी खिलाडी़ थे। लेकिन दुर्घटना ने उनके चलने फिरने पर भी पाबंदी लगा दी। कुछ समय निराशा में बीता किंतु शीघ्र ही अमित ने यह जान लिया की भले ही वह शारीरिक रूप से कमजो़र हो गए हों किंतु यदि वह मन से हार न माने तो बहुत कुछ कर सकते हैं। अमेरिकी Wheelchair Rugby खिलाडी़ Jonathan Sigworth जो भारत में Para sports को प्रचलित करने आए थे, से मुलाकात के बाद अमित ने अपनी प्रतिभा को पहचाना। इन्होंने Discus Throw, Club Throw, Javeline Throw प्रतियोगितओं के लिए स्वयं को तैयार किया। अपने पहले ही National games में इन्होंने Silver medal जीता।
इसके बाद तो अमित ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया तथा देश का नाम रौशन किया। Incheon South Korea में आयोजित 2014 Asian Para games में अमित ने Club Throw में Gold तथा Discus Throw में Silver medal जीते। एक Para -athlete के तौर पर इनकी उपलब्धियों के कारण अमित को 2013 में खेलों से संबंधित सर्वश्रेष्ठ अर्जुन पुरस्कार मिला। हरियाणा सरकार ने 2014 में भीम अवार्ड तथा Major Dhyanchand foundation ने 2015 में Major Dhyanchand sports अवार्ड से नवाजा़।
अमित का कहना है कि हम Para sports की बात करते हैं लेकिन Para-athletes को सही training सुविधाएं नहीं दे पाते। इसके कारण वह बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
(इस बात को बताते हुए मुझे बेहद खुशी और गर्व हो रहा है कि अमित सरोहा ने मुझे अपना Facebook friend बनाकर सम्मानित किया है)


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