धार्मिक सद्भाव
धार्मिक सद्भाव
जहाँ अक्सर हमें धर्म के नाम पर होने वाले दंगों के बारे में सुनते रहते हैं वहीं अंधेरे में प्रकाश किरण बनकर कुछ किस्से ऐसे सुनाई देते हैं जो समाज को अमन और प्यार का संदेश देते हैं.
पंजाब के सरवरपुर गांव के निवासी जोगा सिंह ने आपसी भाईचारे की ऐसी ही मिसाल पेश की है.
दरअसल सिक्खों के इस गांव में केवल 10 मस्लिम परिवार हैं. इबादत के लिए वहाँ एक भी मस्जिद नही थी. क्योंकी गांव की मस्जिद दंगों में ध्वस्त हो गई थी. पेशे से किसान जोगा सिंह को यह बात अच्छी नही लगती थी कि उनके गांव के मुसलमानों को दस कि.मी. दूर जुम्मे तथा ईद की नमाज़ के लिए जाना पड़ता है. अतः उन्होंने बर्मिंघम में बसे अपने भाई से मदद मांगी. भाई की मदद और गांव वालों के सहयोग से गांव में नई मस्जिद का निर्माण किया गया.
जोगा सिंह का कहना है कि मस्जिद का निर्माण कर हमने अपने कर्तव्य का पालन किया है.
https://youtu.be/zVSCB5mYJi4
जहाँ अक्सर हमें धर्म के नाम पर होने वाले दंगों के बारे में सुनते रहते हैं वहीं अंधेरे में प्रकाश किरण बनकर कुछ किस्से ऐसे सुनाई देते हैं जो समाज को अमन और प्यार का संदेश देते हैं.
पंजाब के सरवरपुर गांव के निवासी जोगा सिंह ने आपसी भाईचारे की ऐसी ही मिसाल पेश की है.
दरअसल सिक्खों के इस गांव में केवल 10 मस्लिम परिवार हैं. इबादत के लिए वहाँ एक भी मस्जिद नही थी. क्योंकी गांव की मस्जिद दंगों में ध्वस्त हो गई थी. पेशे से किसान जोगा सिंह को यह बात अच्छी नही लगती थी कि उनके गांव के मुसलमानों को दस कि.मी. दूर जुम्मे तथा ईद की नमाज़ के लिए जाना पड़ता है. अतः उन्होंने बर्मिंघम में बसे अपने भाई से मदद मांगी. भाई की मदद और गांव वालों के सहयोग से गांव में नई मस्जिद का निर्माण किया गया.
जोगा सिंह का कहना है कि मस्जिद का निर्माण कर हमने अपने कर्तव्य का पालन किया है.
https://youtu.be/zVSCB5mYJi4

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें