चक दे रानी

चक दे रानी             

हरियाणा जहाँ लिंग अनुपात सबसे कम है वहाँ की एक बेटी ने फिर अपनी काबिलियत साबित की है। 
भारत के राष्ट्रीय खेल हॉकी में भारत को 2016 के Olympics खेलों के लिए Qualify कराने में इनकी विशेष भूमिका रही।  पुरूष प्रधान समाज में खेल की दुनिया में अपना मकाम बनाना कोई आसान काम नहीं था।  लेकिन अपनी हिम्मत और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने इसे संभव कर दिखाया। 
रानी का जन्म हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में एक निर्धन परिवार में हुआ था।  इनके पिता ठेला गाड़ी चलाते थे।  घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी।  किंतु हालातों से हार नहीं मानी। 
अर्जुन पुरुस्कार से सम्मानित बलदेव सिंह की देखरेख में रानी ने Shahabad hockey academy में Training लेना आरंभ किया।  Go sports foundation एक ग़ैर सरकारी संस्था ने आर्थिक रूप से उनकी सहायता की।  June 2009 में कज़ान रूस में आयोजित Champion's challenge Tournament में Final match में 4 goals करके इन्होंने भारत को विजय दिलाई।
इन्हें Top goal scorer एवं Young player of the tournament का ख़िताब मिला। 2009 Nov. के Asia cup 
में भारत को Silver medal दिलाने में इनकी अहम भूमिका रही. 2010 के Common wealth games तथा Asian games में National team का हिस्सा बनने के बाद रानी को FIH women's  All star team में शामिल किया गया।  Women's hockey world cup 2010 जो Rosario Argentina में हुआ था रानी के 7 goals की बदौलत भारत को विश्व महिला हॉकी में 9th position प्राप्त जो 1978 के बाद भारत की यह सबसे अच्छी position थी।  इस प्रदर्शन के कारण रानी को Best young player of the tournament का award दिया गया। 
रानी के योगदान के कारण उन्हें Sports Authority of India की तरफ से Assistant coach का पद offer किया गया।      

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