हौसला अभी बाकी है मेरे दोस्त


हौसला अभी बाकी है मेरे दोस्त


भले ही ज़िंदगी जीने के लिए जिस्म का होना ज़रूरी है लेकिन ज़िंदगी जिस्म में कैद नही है. वह तो हमारे हौसले पर टिकी है. इस बात को साबित कर दिखाया है भिवंडी महाराष्ट्र के आदिल अंसारी ने. इनका 90 फीसदी जिस्म Paralyzed है किंतु यदि इनकी उपलब्धियों पर नज़र डालें तो दांतों तले उंगली दबा लेंगे. आदिल ने 14 National Paralympic swimming championship की 50 meter Freestyle and Backstroke पुरुष वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीते हैं अपनी Modified car को 6000 Km. Drive कर Limca books of records में अपना नाम दर्ज़ कराया है. इसके अलावा अपनी Modified Honda Active bike में एक लंबी दूरी तय की है. यही नही आदिल एक दवा वितरण करने वाली कंपनी के मालिक हैं.


बचपन से ही तैराकी का शौक रखने वाले आदिल अक्सर ही नदी में तैरने जाते थे. 16 मई 2006 को उन्होंने इसी उद्देश्य से छलांग लगाई. लेकिन दुर्भाग्यवश एक पत्थर से टकरा कर उनकी रीढ़ की हड्डी क्षतिग्रस्त हो गई. इस दुर्घटना के कारण उनका 90 प्रतिशत शरीर Paralyze हो गया. लेकिन उनके भीतर गज़ब का जुझारूपन है जिसने उनके हौसले को झुकने नही दिया. उन्होंने कुछ ऐसे Videos देखे जिनमें उनकी जैसी शारीरिक अवस्था वाले लोग तैराकी कर रहे थे. यहीं से उनके मन में फिर से तैरने का विचार आया. जब उनका चयन National championship के लिए हुआ तब उन्होंने और कड़ा अभ्यास करने का विचार किया. अतः आदिल ने भिवंडी के Municipal corporation के Swimming pool में अभ्यास करने की अनुमति मांगी. उन्हें यह कह कर अभ्यास नही करने दिया गया कि वह उनकी ज़िम्मेदारी नही ले सकते. यदि तैरते समय उन्हें कुछ हो गया तो उसका दायित्व उन पर आएगा. आदिल ने उन्हें हर तरह से समझाने का प्रयास किया किंतु कोई लाभ नही हुआ. लेकिन उनके जुनून पर इसका कोई असर नही हुआ. अभ्यास के लिए वह रोज़ भिवंडी से धारावी 90 Km. कार से जाते थे.
इसी वर्ष आदिल ने Beyond barriers incredible India के Banner में महज़ आठ दिनों में 6000 Km. की दूरी अपनी विशेष तौर पर Modified car द्वारा पूरी करने का कारनामा किया. यह काम आसान नही था. लेकिन आदिल की हिम्मत ने सारी कठिनाइयों को मात दे दी. अपनी यात्रा के दौरान आदिल केवल तरल पदार्थें पर ही निर्भर रहते थे. रास्ते में बहुत कम रुकते थे और केवल 3 से 4 घंटों के लिए ही सोते थे. इस तरह केवल 8 दिनों में ही निर्धारित दूरी तय कर ली. जब आदिल ने इस यात्रा पर जाने का फैसला लिया तब उनकी पत्नी माजिदा के साथ साथ परिवार के अन्य लोग चिंतित हो गए और उन्हें रोकने का प्रयास किया. लेकिन जब वह अपने प्रयास में सफल होकर लौटे तो सारा परिवार खुश हो गया. आज सभी को उन पर गर्व है.
आदिल का नाम अपनी Modified Honda Activa bike पर 300 Km. से भी अधिक दूरी तय करने के कारण Limca books of records में दर्ज़ है.




शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के प्रति समाज का रवैया देख कर उन्हें अफसोस होता है. Wheelchair पर चलने वाले लोगों के सुगम आवागमन के लिए पर्याप्त सुविघाओं का आभाव है. अतः आदिल ने स्वयं को विकलांग व्यक्तियों को उनके अधिकारों के प्रति जाग्रत करने तथा उनके अधिकारों के लिए लड़ने के लिए समर्पित कर दिया है.
( हौसले के धनी आदिल मेरे Facebook मित्र हैं. )






shttps://www.facebook.com/adilansari55/videos/vob.662948382/10151020510043383/?type=2/

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

यादें

एक बुनकर जो देश को बना रहा है 'डिजिटली' साक्षर

तत् त्वम् असि