हम सब एक हैं

हम सब एक हैं





हम सभी अपने अपने धर्म को मानते हैं. उसका सम्मान करते है. यह अच्छी बात है. किंतु बात तब बिगड़ जाती है जब लोग दूसरे धर्म को अपने धर्म से हीन समझ कर दूसरे धर्मावलंबियों से नफरत करने लगते हैं. लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो स्वयं के धर्म का पालन करते हुए दूसरे धर्मों को पूर्ण सम्मान देते हैं. जो सभी धर्मों को समान मानते हुए उनके मानने वालों के प्रति प्रेमभाव रखते हैं. 
रायपुर के राजा तालाब पंडरी निवासी केवटदास बैरागी वैष्णव ऐसे व्यक्ति हैं जो सभी धर्मों को समान दृष्टि से देखते हुए उनका सम्मान करते हैं.
शिव तथा हनुमान के भक्त बैरागी इस्लाम धर्म के प्रति भी पूर्ण श्रद्धा रखते हैं. यही कारण है कि दस सालों से भी अधिक समय से वह रमज़ान के मौके पर अपने गांव के मुसलमानों को सहरी के लिए जगाते हैं. इसके लिए वह रात को 2 बजे जागकर सफेद कुर्ता पजामा पहन कर ढोलक की थाप पर नात-ए-पाक गाते हुए गांव की गलियों से गुजरते हैं. उनकी आवाज सुनकर मुसलमान जाग जाते हैं. इसके बाद घर लौटकर वह पूजा पाठ कर खिलैने बेचने के अपने काम पर निकल जाते हैं.
केवटदास का कहना है कि हम सभी एक ही ईश्वर की संतान हैं. अतः सभी से प्रेमभाव रखना चाहिए.




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